एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन,मुक्केबाजी,कुश्ती,तीरंदाजी में जीते गोल्ड

नागोया (जापान)। जापान में चल रहे एशियाई खेलों में भारत के लिए आज का दिन स्वर्णिम सफलताओं का रहा। भारतीयों ने एक दिन में कई स्वर्ण पदकों पर निशाना साधा। बॉक्सिंग, कुश्ती,तीरंदाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीते और पदक तालिका में भारत की छलांग लगवाई।

एशियन गेम्स के 13 दिन भारत ने तीरंदाजी, मुक्केबाजी और कुशती में कुल 5 गोल्ड मेडल आ चुके हैं। जिसके साथ भारत के कुल स्वर्ण पदकों की संख्या 15 हो गई है और वो अब मेडल टैली में सातवें से 5वें स्थान पर पहुंच गया है। इसके अलावा आज भारत ने तीरअंदाजी, सेपकटकरा और सेलिंग में भी कई मेडल अपने नाम किए हैं। जिससे मेडल की कुल संख्या 75 हो गई है।
भारतीय पहलवान सुजीत कलकल ने पुरुषों के फ्रीस्टाइल 65 किग्रा वर्ग में ओलंपिक चैंपियन ताजिकिस्तान के अब्दुलमाजिद कुदिएव को 10-9 से हराकर गोल्ड जीता। सुजीत ने फाइनल तक पहुंचने से पहले ईरान और जापान के मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराया।

भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने 80 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराकर हराया। इसके साथ भारत ने मुक्केबाजी में एशियाई खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 6 मेडल के साथ अपना अभियान समाप्त किया। जिसमें तीन गोल्ड और तीन ब्रॉन्ज शामिल हैं। देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ग्वांग्झू 2010 चरण में रहा था जिसमें भारतीय मुक्केबाजों ने दो गोल्ड, तीन सिल्वर और चार ब्रॉन्ज समेत कुल 9 मेडल जीते थे।

महिला मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने भी अपने दमदार पंच के दम पर भारत के लिए 13वां गोल्ड मेडल जीत लिया। उन्होंने महिलाओं के 65kg कैटेगरी में पेरिस ओलंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट चेन को 3-2 से हराकर गोल्ड मेडल जीता है। इससे पहले लवलीना में गोल्ड मेडल जीता था।

भारतीय महिला मुक्कबाज लवलीना बोरगोहेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 75kg के वर्ग मे गोल्ड मेडल जीत लिया है। उन्होंने चीन की बाओ जियी को हराकर एशियाई खेलों में अपना पहला गोल्ड मेडल जीता है। महिला बॉक्सिंग में भारत का यह केवल दूसरा गोल्ड मेडल है। 2014 में मैरी कॉम के मेडल के बाद यह पहला मौका है। ये लवलीना के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। वह भारत के इतिहास में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने वाली इकलौती महिला बॉक्सर बन गई हैं। इससे पहले, एशियन गेम्स बॉक्सिंग में 2 मेडल (2014 में गोल्ड, 2010 में ब्रॉन्ज) जीतने वाली इकलौती भारतीय महिला बॉक्सर मैरी कॉम थीं।
तीरंदाजी में महिला और मिक्स्ड रिकर्व टीम के बाद पुरुष रिकर्व टीम ने सिल्वर मेडल पर मोहर लगाई. धीरज, संजय भोगे और नीरज चौहान की भारतीय तिकड़ी को फाइनल में दक्षिण कोरिया से 1-5 से शिकस्त मिली. जिसकी वजह से उनको सिल्वर मेडला मिला। तीरंदाजी में भारतीय मिक्स्ड रिकर्व टीम फाइनल में चीन से हार गई। जिसकी वजह से धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम मोहोद की जोड़ीको सिल्वर मेडल पर ही संतोष करना पड़ा. इसके साथ भारतीय मिक्स्ड टीम ने ओलंपिक 2028 का कोटा भी हासिल करने से चूक गया। रिकर्व आर्चरी में यह भारत का दूसरा मेडल है। इससे पहले आज सुबह महिला टीम ने अपने पहले फाइनल में 10 बार की चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराकर एशियन गेम्स में अपना पहला गोल्ड मेडल जीता था।

भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने फाइनल में वर्ल्ड चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर एशियन गेम्स में अपना पहला गोल्ड मेडल जीता। अनुभवी अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड़ की भारतीय तिकड़ी ने मौजूदा चैंपियन दक्षिण कोरिया को मात दी। इससे पहले भारत ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर पहली बार एशियाई खेलों के फाइनल में जगह बनाई थी। महिला रिकर्व टीम का यह गोल्ड एशियाई खेलों में भारत का तीरंदाजी में चौथा गोल्ड है। इससे पहले पुरुष कंपाउंड, महिला कंपाउंड और मिश्रित कंपाउंड टीमों ने भी गोल्ड मेडल जीते थे। भारतीय महिला रिकर्व टीम ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

कुल मिलाकर, तीरंदाजी में यह भारत का 7वां मेडल है, जिसमें चार गोल्ड, दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। पिछले एशियन गेम्स हांगझोऊ 2023 में भारत का एशियाई खेलों का तीरंदाजी अभियान सबसे सफल रहा, जिसमें उसने रिकॉर्ड नौ मेडल जीते – पांच गोल्ड, दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज। कंपाउंड तीरंदाजों ने सभी पांच गोल्ड मेडल जीते, जबकि रिकर्व टीमों ने एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया।

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