अजमेर में कांग्रेस ने किरण गढ़वाल,तो भाजपा ने अनामिका को बनाया महापौर उम्मीदवार

अजमेर। नगर निगम के 80 वार्डों के चुनाव परिणाम आने के बाद अजमेर में कांग्रेस ने भाजपा पर बढ़त तो बना ली है, लेकिन बहुमत नहीं है, इसलिए महापौर का चुनाव रोमांचक हो गया है। कांग्रेस को जहां सिर्फ चार सीटों का जुगाड़ करना है ,वहीं भाजपा को 9 सीटों का जुगाड़ करना है। अब दोनों ने अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। इसलिए 21 तारीख को तस्वीर साफ होगी कि कौन सी पार्टी अजमेर में महापौर बनाती है।

भाजपा ने वार्ड नंबर 3 से पहली बार निर्वाचित अनामिका शर्मा को  प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने वार्ड नंबर 57 की पार्षद किरण गढ़वाल को मैदान में उतारा है। मंगलवार तक कांग्रेस में किरण गढ़वाल सहित कई महिला पार्षदों के नामों पर मंथन चल रहा था और अंतिम निर्णय प्रदेश नेतृत्व पर छोड़ा गया था।

मेयर पद इस बार सामान्य महिला श्रेणी के लिए आरक्षित है। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों ने निर्वाचित महिला पार्षदों को प्रत्याशी बनाया है। अजमेर में किसी भी दल के पास अपने दम पर 41 पार्षदों का बहुमत नहीं है। अजमेर नगर निगम की 80 सीटों में कांग्रेस ने 37, भाजपा ने 32 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 11 वार्डों में जीत दर्ज की है। बहुमत के लिए कम से कम 41 मतों की जरूरत होगी। इस हिसाब से कांग्रेस को अपने 37 पार्षदों के अलावा कम से कम चार अतिरिक्त मतों की आवश्यकता है, जबकि भाजपा को अपने 32 पार्षदों के साथ नौ अतिरिक्त मत जुटाने होंगे।

कांग्रेस ने चुनाव परिणाम के बाद पांच निर्दलीय पार्षदों का समर्थन होने का दावा भी किया है और उनके साथ तस्वीरें सार्वजनिक की थीं। हालांकि निर्दलीय पार्षद वास्तव में किस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे, यह मेयर चुनाव में ही स्पष्ट होगा।

भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा इस नगर निगम चुनाव से पहली बार चुनावी राजनीति में उतरी हैं। पार्टी ने उन्हें सामान्य महिला के लिए आरक्षित वार्ड नंबर 3 से प्रत्याशी बनाया था और उन्होंने चुनाव जीतकर निगम में प्रवेश किया। वार्ड 3 में अनामिका शर्मा को 3,687 मत मिले।

अनामिका शर्मा लघु उद्यम से जुड़ी हैं और उनकी शैक्षणिक योग्यता 10वीं तक बताई गई है। चुनावी विवरण के अनुसार उनकी कुल घोषित संपत्ति करीब 37.61 लाख रुपए है। उनके पति मनीष शर्मा अजमेर जिला क्रिकेट संघ से जुड़े हैं। वह भाजपा नेता सीताराम शर्मा की पुत्रवधू हैं। स्थानीय चुनावी रिपोर्टों में परिवार को अजमेर उत्तर विधायक और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के राजनीतिक रूप से निकट बताया गया है।

नामांकन और पार्टी की चुनावी गतिविधियों के दौरान शहर भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सोनी तथा पूर्व डिप्टी मेयर नीरज जैन सहित पार्टी के स्थानीय नेता भी उनके साथ नजर आए।

किरण गढ़वाल ने वार्ड 57 में भाजपा की नीतू सिंह को हराया
कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल वार्ड नंबर 57 से निर्वाचित हुई हैं। यह वार्ड भी सामान्य महिला श्रेणी के लिए आरक्षित था। किरण गढ़वाल को चुनाव में 1,852 वोट, जबकि भाजपा प्रत्याशी नीतू सिंह को 1,568 मत मिले। इस तरह किरण गढ़वाल ने 284 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।

किरण गढ़वाल ग्रेजुएट हैं और चुनावी नामांकन से जुड़े प्रकाशित विवरण में उनकी कुल घोषित संपत्ति करीब 11.59 करोड़ रुपए बताई गई है। वह स्वयं गृहिणी हैं। उनके पति दिलीप गढ़वाल लंबे समय से कांग्रेस की स्थानीय राजनीति से जुड़े बताए जाते हैं और उनका मैरिज गार्डन व्यवसाय भी है।

कई नामों की चर्चा के बाद किरण गढ़वाल पर कांग्रेस का फैसला
कांग्रेस में मेयर उम्मीदवार के लिए इससे पहले वार्ड 69 की रश्मि शर्मा, वार्ड 24 की रश्मि हिंगोरानी, किरण गढ़वाल और अन्य महिला पार्षदों के नाम चर्चा में थे। मंगलवार तक पार्टी ने आधिकारिक रूप से उम्मीदवार घोषित नहीं किया था और पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा था कि अंतिम फैसला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के स्तर पर होगा।

वार्ड 69 की रश्मि शर्मा को प्रत्याशी बनाने की मांग को लेकर सामाजिक और स्थानीय स्तर पर भी पत्राचार सामने आया था। इसके बावजूद ताजा घटनाक्रम में कांग्रेस की ओर से किरण गढ़वाल का नाम सामने आने के बाद अब अजमेर मेयर चुनाव की मुख्य तस्वीर स्पष्ट हो गई है।

अजमेर नगर निगम में यह चुनाव इसलिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि करीब 36 साल बाद कांग्रेस पार्षदों की संख्या में भाजपा से आगे निकली है। पिछले निगम में भाजपा के पास स्पष्ट बढ़त थी, लेकिन इस बार कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है। इसके बावजूद कांग्रेस बहुमत से चार सीट पीछे है।

इस कारण चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों अपने पार्षदों को एकजुट रखने में जुटी हैं। कांग्रेस अपने निर्वाचित पार्षदों को कैंप में ले गई है, जबकि भाजपा ने भी अपने पार्षदों को एक साथ रखने की रणनीति अपनाई है। कांग्रेस खेमे में संभावित क्रॉस-वोटिंग को लेकर भी सतर्कता बढ़ाई गई है।

मेयर चुनाव के संख्या गणित में सबसे महत्वपूर्ण समूह 11 निर्दलीय पार्षदों का है। इनमें से कुछ के समर्थन का दावा कांग्रेस कर रही है, जबकि भाजपा की ओर से भी बोर्ड बनाने के लिए पर्याप्त समर्थन होने की बात कही गई है। ये दोनों राजनीतिक दावे हैं; वास्तविक संख्या मेयर पद के मतदान में स्पष्ट होगी।

अजमेर में पार्षद चुनाव ने किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया है, इसलिए मेयर पद का निर्वाचन निर्वाचित पार्षदों के मतदान से तय होगा। अनामिका शर्मा और किरण गढ़वाल के मैदान में आने के बाद अब दोनों दलों का ध्यान अपने पार्षदों को एकजुट रखने और अतिरिक्त समर्थन जुटाने पर रहेगा।

अजमेर मेयर पद के लिए मतदान 21 सितंबर को होना है। 80 निर्वाचित पार्षद अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे और मतदान के बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा। मंगलवार तक उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम और राजनीतिक गतिविधियों में 21 सितंबर को मेयर चुनाव की तारीख निर्धारित बताई गई है।

 

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