बीकानेर। नगर निगम में महापौर चुनाव को लेकर कांग्रेस की ओर से अधिकृत प्रत्याशी अनिल कल्ला ने बुधवार को नामांकन दाखिल किया। हालांकि कांग्रेस की ओर से नवरत्न डागा ने भी नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है, लेकिन पार्टी ने गुटबाजी या बगावत से इनकार किया और कहा है कि डागा को मना लेंगे।
अनिल कल्ला ने कहा कि सभी की राय-मशविरा से सर्वसम्मति से उन्हें प्रत्याशी बनाया गया है। पूर्व मंत्री बीडी कल्ला ने भी कहा कि पार्टी एकजुट है, कोई फूट नहीं, क्रॉस वोटिंग की स्थिति नहीं बनेगी। कल्ला को उम्मीदवार बनाए जाने पर कांग्रेस पार्षद नवरत्न डागा ने भी पर्चा भरकर विरोध दर्ज कराया, कहा वे पार्टी के साथ हैं, लेकिन व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। दूसरी ओर भाजपा से सुरेंद्र सिंह शेखावत ने नामांकन भरा। उन्होंने कहा पार्षद अंतरात्मा की आवाज पर वोट करेंगे और 21 सितंबर को भाजपा का बोर्ड बनेगा। बीकानेर में कांग्रेस को 80 में से 42 वार्डों में जीत से स्पष्ट बहुमत मिला है, जबकि भाजपा को 27, निर्दलीय को 10 और आरएलपी को एक सीट मिली है।
कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला ने बाद में मीडिया से बात करते हुए कहा कि पार्टी के सभी लोग साथ हैं और कांग्रेस के भीतर किसी तरह का मतभेद नहीं है। कल्ला ने कहा कि बीकानेर की जनता ने नगर निगम चुनाव में जो जनादेश दिया है, कांग्रेस उसका सम्मान करती है। जनता के इस जनादेश के अनुरूप बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस का मेयर बनेगा।
महापौर पद के लिए कांग्रेस के नवरत्न डागा के नामांकन भरने पर कल्ला ने कहा कि नवरत्न डागा हमारे भाई हैं और उनसे बातचीत की जाएगी। मिल-बैठकर बात करेंगे और आपसी चर्चा के जरिए मामले को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। ‘कल्ला के इस बयान से साफ है कि पार्टी नेतृत्व फिलहाल बागी प्रत्याशी को लेकर बातचीत के रास्ते खुले रखना चाहता है। कांग्रेस के सामने अब अपने सभी निर्वाचित पार्षदों को एकजुट रखने की चुनौती भी है, क्योंकि महापौर चुनाव में पार्षदों के मत निर्णायक होंगे।
बीकानेर नगर निगम में 80 वार्डों में कांग्रेस 42, भाजपा 27 और निर्दलीय को 11 सीटें मिली हैं।